कृपाशंकर पैगे जी
पटना में पूजा के लिए पंडित जी को बुक करे
पटना में पूजा के लिए पंडीत जी बुक करना बहुत मुस्किल हो चूका है अगर आप भी पटना में पूजा के लिए पंडित जी बुक करना चाहते है तो आपको परेशान होने की आवस्यकता नहीं है अस्त्रोशिव आपको परेशानी मुक्त पूजा प्रदान करता है और सही मार्ग प्रदान करता है अस्त्रोशिव पटना में पूजा के … Read more
गणेशाष्टकम् 2
चतोऽनन्तशक्तेरनन्तास जीवा चतो निर्गुणादप्रमेया गुणास्ते । यतो भाति सर्व त्रिधा भेदभित्रं सदा तं गणेशं नमामो भजामः ॥१॥ चतचाविरासीज्जगत्सर्वमेतत् तथाऽब्जासनी विश्वनी विश्वगीता । तणेन्द्रादयो देवसड्डा मनुष्याः सदा तं गणेशं नमाणी भजामः ॥२॥ यतो वहि-भानू भयो भूर्जलं च यतः सागराचन्द्रमा व्योष वायुः । यतः स्थावरा जङ्गमा वृक्षसद्धाः सदा तं गणेशं नमामो भजामः ॥३॥ यतो दानवाः किन्त्ररा यक्षसङ्घा … Read more
लक्ष्मी माता की आरती (Diwali Laxmi Mata Ki Aarti)
ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माताआरतीतुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।मैया तुम ही जग-माता।।सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।मैया सुख सम्पत्ति दाता॥जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।मैया तुम ही शुभदाता॥कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, … Read more
pashupatastra
संग्रहात्मक, जगत् के रक्षक भगवान् पशुपति को प्रसन्न करने वाला यह स्तोत्र है । इस स्तोत्र में भगवान् पशुपति (शिव ) से रक्षा के निमित्त पांच श्लोकों में प्रार्थना की गयी है । हे पशुपति नाथ ! आप सर्वविध हमारी रक्षा करें । स पातु वो यस्य जटाकलापे स्थितः शशाङ्क: स्फुटहारगौरः ।नीलोत्पलानामिव नालपुञ्जे निद्रायमाणः शरदीव … Read more
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं
हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥मोर मुकुट प्यारे शीश पे सोहे,प्यारी बंसी मेरो मन मोहे ।देख छवि बलिहारी मैं जाऊं ।॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥ चरणों से निकली गंगा प्यारी,जिसने सारी दुनिया तारी ।मैं उन चरणों के दर्शन … Read more
दुर्गा चालीसा
दुर्गा चालीसा नमो नमो दुर्गे सुख करनी।नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी।तिहूं लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला।नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप मातु को अधिक सुहावे।दरश करत जन अति सुख पावे॥ तुम संसार शक्ति लै कीना।पालन हेतु अन्न धन दीना॥ अन्नपूर्णा हुई जग पाला।तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥ प्रलयकाल सब नाशन … Read more
बृहस्पति देव की आरती
बृहस्पति देव की आरती जय बृहस्पति देवा, ऊँ जय बृहस्पति देवा। छिन छिन भोग लगौं, कदली फल मेवा॥ ऊँ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा ॥ तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी। जगतपिता जगदीश्वर, तुम सर्वस्व स्वामी॥ ऊँ brihaspati dev ki aarti जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा ॥ चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता। सकल … Read more
शनि देव की आरती
शनि देव की आरती जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥ ॥ जय जय श्री शनिदेव..॥ श्याम अंक वज्र दृष्टान्त चतुर्भुजा धारी। नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥ ॥ जय जय श्री शनिदेव..॥ शनि देव की आरतीक्रिट क्राउन शीशक रजित दीपत है लिलारी । मुक्तन की माला शोभित बलिहारी॥ ॥ … Read more
सूर्य देव की आरती
सूर्य देव की आरती