rin mochan mangal stotra 2025

rin mochan mangal stotra मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः ।स्थिरासनो महाकयः सर्वकर्मविरोधकः ॥1।। लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः ।धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः॥2।। rin mochan mangal stotra rin mochan mangal stotra अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः ।व्रुष्टेः कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः॥3।। एतानि कुजनामनि नित्यं यः श्रद्धया पठेत् ।ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात् ॥4।। धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम् ।कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं … Read more

शिवजी आरती 2025

shivji aarti ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥ Homeएकानं चतुरानन पंचानन राजे। हंसासन गरूड़ासन वृषभान साजे॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥ दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।त्रिगुण रूप निरखत त्रिभुवन जन मोहे॥ … Read more

rudrashtakam

rudrashtakam नमामीशमीशान निर्वाणरूपंविभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहंचिदाकाशमाकाशवासं भजेहम्।।1।। हे भगवन ईशान को मेरा प्रणाम ऐसे भगवान जो कि निर्वाण रूप हैं जो कि महान ॐ के दाता हैं जो सम्पूर्ण ब्रह्माण में व्यापत हैं जो अपने आपको धारण किये हुए हैं जिनके सामने गुण अवगुण का कोई महत्व नहीं, जिनका कोई विकल्प नहीं, जो … Read more

hartalika teej vrat katha 2025

hartalika teej vrat katha hartalika teej vrat katha 2025 तृतीया को मनाए जाने वाले हरतालिका तीज व्रत की कथा इस प्रकार है। एक बार भगवान शिव ने पार्वतीजी को उनके पूर्व जन्म का स्मरण कराने के उद्देश्य से इस व्रत के माहात्म्य की कथा कही थी। श्री भोलेशंकर बोले- हे गौरी! पर्वतराज हिमालय पर स्थित … Read more

भगवान श्रीविष्णु

भगवान् श्रीविष्णु सर्वव्यापक भगवान ही भगवान श्रीविष्णु हैं। यह संपूर्ण विश्व भगवान विष्णु की शक्ति से ही संचालित होता है। वे निर्गुण भी हैं और सगुण भी। वे अपने चार हाथों में क्रमशः शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण करते हैं। जो किरीट और कुंडलों से विभूषित, पीतांबरधारी, वनमाला तथा कौस्तुभमणिको धारण करने वाले, सुंदर … Read more

भगवान श्री सूर्य

-भगवान श्री सूर्य – जीवनदाता और प्रकाश के देवताभगवान सूर्य का परिचयहिंदू धर्म में भगवान श्री सूर्य को जीवन का स्रोत, प्रकाश के देवता और नवग्रहों के राजा माना गया है। सूर्य देव केवल भौतिक ऊर्जा ही नहीं, बल्कि आत्मबल, स्वास्थ्य और सफलता के भी दाता हैं। वे आकाश में प्रतिदिन उदय होकर सम्पूर्ण जगत … Read more

भगवान् श्रीकृष्ण

भगवान् श्रीकृष्ण ‘तू जिसे इतने उत्साहसे पहुँचाने जा रहा है, उसीका आठयाँ पुत्र तेरा काल होगा। आकाशवाणी सुनकर कंस चौंका। वह अपनी छोटी बहन देवकीको विवाह होनेके बाद बड़े उत्साहसे पहुँचाने जा रहा था। कंस मृत्युके भयसे काँप उठा। वह तलवार खींचकर अपनी बहनका वध करनेके लिये तैयार हो गया। वसुदेवजीने देवकीसे उत्पन्न शिशुओंको कंसको … Read more